Jolly LLB 3 Review

Jolly LLB 3 Review – हंसी, सोच और न्याय से भरी एक धमाकेदार वापसी

जब भी हिंदी सिनेमा में कोर्टरूम ड्रामा की बात होती है तो सबसे पहले नाम आता है – Jolly LLB का। पहले दोनों पार्ट्स ने दर्शकों को हंसाया भी और सोचने पर मजबूर भी किया। अब तीसरा पार्ट Jolly LLB 3 बड़े पर्दे पर आया है और दर्शक ये जानना चाहते हैं कि क्या इस बार भी वही मज़ा और दम देखने को मिलता है? आइए जानते हैं इस फिल्म की पूरी समीक्षा।

🎥 Watch Jolly LLB 3 Trailer

📝 कहानी (Storyline)

इस बार कहानी में एक नया ट्विस्ट है। कोर्ट में आमने-सामने खड़े हैं दो Jolly –

अक्षय कुमार

अरशद वारसी

दोनों के बीच केस लड़ने का तरीका अलग है। एक तरफ़ है पावर और अनुभव, तो दूसरी तरफ़ है जज़्बा और जमीनी हकीकत। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर बड़े लोग बच निकलते हैं और कैसे आम इंसान को इंसाफ़ पाने के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है।

कहानी में हंसी भी है, इमोशन्स भी हैं और कुछ सीन ऐसे हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं।

🎭 अभिनय (Performances)

अक्षय कुमार – कोर्टरूम में उनकी एंट्री ही फिल्म को भारी बना देती है। गंभीर सीन में उनकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी काबिल-ए-तारीफ़ है।

अरशद वारसी – मासूम चेहरे और नेचुरल कॉमिक टाइमिंग के साथ अरशद एक बार फिर दर्शकों को अपना दीवाना बना देते हैं। उनका किरदार फिल्म की जान है।

सपोर्टिंग कास्ट – गवाह, वकील और जज का अभिनय कहानी को मज़बूत बनाता है। जज के डायलॉग्स पर कई बार हंसी भी आती है और गुस्सा भी।

🎥 निर्देशन (Direction)

डायरेक्टर सुभाष कपूर ने फिर साबित किया कि कोर्टरूम ड्रामा सिर्फ बहस तक सीमित नहीं होता। उन्होंने फिल्म में ड्रामा और ह्यूमर को इस तरह बैलेंस किया है कि दर्शक बोर होने का सवाल ही नहीं उठता। हर सीन में एक इम्पैक्ट है और कोर्ट की बहस असली लगती है।

🎶 संगीत और बैकग्राउंड स्कोर

फिल्म में गाने ज्यादा नहीं हैं, लेकिन बैकग्राउंड स्कोर काफी दमदार है। कोर्ट की बहस के समय म्यूजिक टेंशन को और बढ़ा देता है, वहीं हल्के फुल्के पलों में हल्की बीट्स मज़ा बढ़ाती हैं।

⚖️ फिल्म की खासियतें (Highlights)

अक्षय बनाम अरशद – दोनों का आमना-सामना ही सबसे बड़ा हाईलाइट है।

डायलॉग्स – कई डायलॉग्स सीधे दिल और दिमाग पर असर छोड़ते हैं।

रियल इश्यूज़ – फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज की सच्चाई भी दिखाती है।

ह्यूमर + सीरियसनेस – हंसी और गुस्से का सही कॉम्बिनेशन।

👎 फिल्म की कमज़ोरियां

कुछ जगह कहानी थोड़ी खिंची हुई लगती है।

कोर्ट से बाहर के सीन उतने दमदार नहीं जितने कि कोर्टरूम वाले सीन हैं।

⭐ वर्डिक्ट (Final Review)

कुल मिलाकर Jolly LLB 3 एक ऐसी फिल्म है जो मनोरंजन भी करती है और मैसेज भी देती है। अगर आपको पहली दो फिल्में पसंद आई थीं तो ये पार्ट मिस मत कीजिए।

👉 यह फिल्म दर्शकों को हंसाती भी है, सोचने पर मजबूर भी करती है और सबसे जरूरी – न्याय की ताकत पर भरोसा दिलाती है।

⭐ रेटिंग : 4/5

❓ आखिर में सवाल

आपको कौन सा Jolly ज्यादा पसंद आया – अक्षय कुमार का दमदार अंदाज़ या अरशद वारसी की मासूम कॉमेडी?

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